Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कितना होना चाहिà¤? जानें बीपी बढ़ने से कौन सी परेशानियां हो सकती हैं
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के बà¥à¤¨à¥‡ और घटने से महिलाओं को कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं, जानें पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कितना होना चाहिà¤?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में होने वाले बदलाव की वजह से कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं। इस दौरान खानपान और शरीर में होने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव कई गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा करते हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं का यह सवाल होता है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कितना होना चाहिà¤? दरअसल पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° (Blood Pressure Druing Pregnancy in Hindi) की रेंज में बदलाव की वजह से महिलाओं के शरीर में कई गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं। कई महिलाओं में यह देखा गया है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान उनके पैरों में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है जिसे हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ माना जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° हाई होना पà¥à¤°à¥€ à¤à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ (Pre-Eclampsia) कहा जाता है। इसके अलावा कà¥à¤› महिलाओं में खानपान और लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² के कारण पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान लो बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में बदलाव और इसका असामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° मां और गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ दोनों के लिठही खतरनाक हो सकता है। आइये जानते हैं गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कितना होना चाहिठऔर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बीपी बà¥à¤¨à¥‡ से कà¥à¤¯à¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं?Â
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कितना होना चाहिठबà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान महिलाओं की लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² और खानपान में बदलाव की वजह से बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इस दौरान महिलाओं में हाई बीपी और लो बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° मैटरनिटी हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² की सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ और पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति रोग विशेषजà¥à¤ž डॉ विजय लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में महिलाओं का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कई कारणों से बॠऔर घट सकता है। इसके लिठआपकी लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² के साथ ही खानपान और शरीर की आंतरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ à¤à¥€ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° मानी जाती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान महिलाओं को हमेशा ये कोशिश करनी चाहिठकि इस दौरान उनका रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª यानी बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° सामानà¥à¤¯ ही रहे। इस दौरान बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° घटने या बà¥à¤¨à¥‡ से दिल से जà¥à¥œà¥€ बीमारियां, किडनी फेलियर और लकवा लगने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान महिलाओं का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° सामानà¥à¤¯ रेंज से कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं होना चाहिà¤à¥¤ कई बार असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ रूप से महिलाओं का रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª या बीपी घट या बॠसकता है लेकिन ये कà¥à¤› समय बाद खà¥à¤¦ ही सामानà¥à¤¯ हो जाता है। सामानà¥à¤¯ रूप से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° 120/80 मिमी HG के à¤à¥€à¤¤à¤° होना चाहिà¤à¥¤ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने पर आपको हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।Â
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का सामानà¥à¤¯ से अधिक होना हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कई कारणों से हो सकती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में हाई बीपी होने पर आपको चकà¥à¤•र आने की समसà¥à¤¯à¤¾ या आंखों के सामने धà¥à¤‚धला दिखाई देना हो सकता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° अगर 120/80 mm HG से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है और यह लगातार कई दिनों के लिठबना रहता है तो इसे हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° माना जाता है। इसलिठआपको हमेशा अपना बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° टà¥à¤°à¥ˆà¤• करते रहना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बà¥à¤¨à¥‡ पर आपको ये लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे सकते हैं।Â
बार-बार चकà¥à¤•र आना।
पेशाब कम बनना।
आंखों के सामने अंधेरा छा जाना।
अचानक वजन बà¥à¤¨à¥‡ लगना।
गंà¤à¥€à¤° सिरदरà¥à¤¦à¥¤
पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में लो बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ (Low Blood Pressure in Pregnancy)
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का सà¥à¤¤à¤° जब सामानà¥à¤¯ से कम हो जाता है तो इसे लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ माना जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लो होने के कई कारण होते हैं। लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° होने पर आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° रेंज सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• - 90 mm Hg से कम और डायासà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• - 60 mm Hg से कम होता है। कई बार यह समसà¥à¤¯à¤¾ असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ कारणों से होती है और अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन कà¥à¤› मामलों में यह समसà¥à¤¯à¤¾ लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसलिठमहिलाओं को समय-समय पर अपना बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° टà¥à¤°à¥ˆà¤• करते रहना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में लो बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर आपको ये लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे सकते हैं।Â
चकà¥à¤•र आना।
बेहोशी।
मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€à¥¤
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगना।
सà¥à¤•िन का नीला पड़ना।
सांस फूलना या गहरी सांस आना।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाने में दिकà¥à¤•त।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बीपी बà¥à¤¨à¥‡ से होनी वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बà¥à¤¨à¥‡ की वजह से आपको कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। लगातार गंà¤à¥€à¤° रूप से हाई बीपी के रहने की वजह से न सिरà¥à¤« गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को दिकà¥à¤•त होती है बलà¥à¤•ि इसकी वजह से आपके गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चता है। हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की वजह से अपरा में बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ बाधित होता है और इसकी वजह से शिशॠतक जरूरी पोषण और ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ कम मातà¥à¤°à¤¾ में पहà¥à¤‚चता है। इसकी वजह से शिशॠका विकास पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान लगातार गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ता है तो इसकी वजह से आपको पà¥à¤°à¥€-à¤à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¤ªà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसकी वजह से समय से पहले शिशॠका जनà¥à¤® à¤à¥€ हो सकता है। इसके अलावा गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में हाई बीपी की वजह से हारà¥à¤Ÿ से जà¥à¥œà¥€ बीमारियां, हारà¥à¤Ÿ फेलियर का खतरा रहता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखने के उपाय
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखने के लिठआपको लगातार अपने बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को टà¥à¤°à¥ˆà¤• करते रहना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा खानपान पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने और लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² से जà¥à¥œà¥‡ जरूरी बदलाव करने से आप इसे कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रख सकती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान शारीरिक रूप से à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहने से आपको बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखने में फायदा मिलेगा। इसके अलावा नमक का सेवन संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने से आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से जà¥à¥œà¥€ परेशानियों को दूर कर देते हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तरल पदारà¥à¤¥ जैसे छाछ, जूस, नारियल पानी और लसà¥à¤¸à¥€ आदि का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से जà¥à¥œà¥‡ लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर आपको तà¥à¤°à¤¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• जरूर करना चाहिà¤à¥¤
| --------------------------- | --------------------------- |